जब आप सच्चे दिल और सच्ची भावनाओं से किसी को चाहते हैं, पसंद करते हैं या प्यार करते हैं और वह भी आपको चाहता है तब आप के वे पल जन्नत के सुख के समान प्रतीत होते हैं और आप को महसूस होता है कि आप के पास दुनिया की हर ख़ुशी आपके पास है। उसकी हर छोटी हरकत आपको एक सुखद अनुभव प्रदान करती है। आप उसकी प्रत्येक हरकत जैसे-उसके बात करने का अंदाज, उसकी अदाएं, उसकी चंचलता ...आदि के आदती हो जाते हैं और आप उसको किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहते हैं। लेकिन जब वह आपकी दिली भावनाओं की कद्र नहीं करता, आपको सकारात्मक प्रतिक्रियाएं नहीं देता तब आपका दिल टूट जाता है, उस समय दुनिया की कोई भी वास्तु या व्यक्ति आपको ख़ुशी नहीं दे पाता है सिवाय उसके जिसे आप दिल से चाहते हैं लेकिन वह आपकी कोई परवाह नहीं करता है। अगर करता भी है तो आप की परवाह से ज्यादा स्वयं की परवाह करता है। वह भूल जाता है आपको, आपकी हर उस बात को जिसे वह कभी बहुत ज्यादा पसंद करता, आपकी हर उस अदा को जिसका वह कभी दीवाना हुआ करता था।Continue......
“A broken heart in real life isn't half as dreadful as it is in books. It's a good deal like a bad tooth, though you won't think THAT a very romantic simile. It takes spells of aching and gives you a sleepless night now and then, but between times it lets you enjoy life and dreams and echoes and peanut candy as if there were nothing the matter with it." and “A broken heart bleeds tears.” -Ashish Sharma
Let me describe "Broken Heart"
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